Wednesday, February 18, 2026
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 रुस से तेल नहीं खरीदेगा भारत ट्रंप के दावों पर बयान………एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता 


नई दिल्ली। भारत सरकार ने वेनेजुएला और रूस से तेल खरीदने को लेकर चल रहे कयासों पर प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, केंद्र सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि भारतीयों की एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, ऑब्जेक्टिव मार्केट की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल को ध्यान में रखकर अपने एनर्जी सोर्स को डाइवर्सिफाई करना सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी फैसले इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और लिए जाएंगे।
दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर घोषणा की थी। उन्होंने पोस्ट कर लिखा था कि अब अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 18 प्रतिशत का टैरिफ लगाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल खरीद रोकने पर राजी हो गया है और वह अपनी जरूरतों के लिए वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। अब ट्रंप के इन दावे को लेकर उठे सवालों पर भारत का रिएक्शन आया है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने वेनेजुएला को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, जहां तक वेनेजुएला की बात है, यह एनर्जी के क्षेत्र में हमारा लंबे समय से पार्टनर रहा है, चाहे वह ट्रेड हो या निवेश से जुड़ा। 
हम 2019-20 तक वेनेजुएला से एनर्जी और कच्चा तेल इंपोर्ट कर रहे थे। इसके बाद हमें तेल आयात को रोकना पड़ा। फिर, भारत ने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध फिर से लगने के बाद हमें रोकना पड़ा… एनर्जी सिक्योरिटी के प्रति अपने नजरिए के मुताबिक, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की सप्लाई के कमर्शियल फायदों को देखने के लिए तैयार है।
जायसवाल ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से टेलीफोन पर बात की। उस कॉल के बाद और राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट के बाद, प्रधानमंत्री ने आपसी टैरिफ में कमी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट्स 18 प्रतिशत कम टैरिफ पर अमेरिका को एक्सपोर्ट किए जाएंगे। इस ट्रेड एग्रीमेंट अमेरिका को हमारे एक्सपोर्ट को बड़ा बढ़ावा देगा। इससे भारत में लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, नए रोज़गार के मौके बनेंगे, और हमारे लोगों के लिए ग्रोथ और खुशहाली आएगी। 

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